✍️ लोकोक्तियाँ – परिभाषा, अर्थ और उदाहरण

📚 लोकोक्ति क्या है?

लोकोक्ति का अर्थ होता है लोक में प्रचलित उक्ति यानी ऐसी बातें जो लोगों के अनुभव और जीवन के सत्य पर आधारित होती हैं।

👉 ये पूर्ण वाक्य होती हैं और किसी गहरी सीख या संदेश को सरल भाषा में प्रस्तुत करती हैं।

📌 उदाहरण:
“अधजल गगरी छलकत जाए”
➡️ अर्थ: कम ज्ञान वाला व्यक्ति अधिक दिखावा करता है।


🌟 प्रमुख लोकोक्तियाँ (अर्थ सहित)

1. अधों में काना राजा

👉 मूर्खों में थोड़ा जानकार व्यक्ति भी श्रेष्ठ माना जाता है।

2. अंधा चाहे दो आँखें

👉 जिसकी जो इच्छा होती है, वही उसे मिल जाए।

3. अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत

👉 समय निकल जाने के बाद पछताना बेकार है।

4. आटे के साथ घुन भी पिसता है

👉 अपराधी के साथ निर्दोष भी सजा पाता है।

5. आगे नाथ न पीछे पगहा

👉 किसी प्रकार की जिम्मेदारी न होना।

6. धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का

👉 किसी भी स्थान का न रहना।

7. खोदा पहाड़ निकली चुहिया

👉 बहुत मेहनत पर कम परिणाम मिलना।

8. आ बैल मुझे मार

👉 जानबूझकर मुसीबत मोल लेना।

9. नाच न जाने आँगन टेढ़ा

👉 अपनी कमी छिपाकर दूसरों को दोष देना।

10. भीगी बिल्ली बनना

👉 डरकर या दबकर रहना।

11. दूध का दूध, पानी का पानी

👉 सही न्याय करना।

12. उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे

👉 अपराधी ही निर्दोष पर आरोप लगाए।

13. जैसी करनी वैसी भरनी

👉 कर्म के अनुसार फल मिलता है।

14. दाल-भात में मूसलचंद

👉 बिना कारण बीच में दखल देना।

15. नदी में रहकर मगर से बैर

👉 शक्तिशाली व्यक्ति से दुश्मनी नहीं करनी चाहिए।

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